Advertisements
Advertisements
Question
एक परिपथ को जिसमें 80 mH का एक प्रेरक तथा 60 µF का संधारित्र श्रेणीक्रम में है, 230V, 50 Hz की आपूर्ति से जोड़ा गया है। परिपथ का प्रतिरोध नगण्य है।
- धारा का आयाम तथा rms मानों को निकालिए।
- हर अवयव के सिरों पर विभवपात के rms मानों को निकालिए।
- प्रेरक में स्थानान्तरित माध्य शक्ति कितनी है?
- संधारित्र में स्थानान्तरित माध्य शक्ति कितनी है?
- परिपथ द्वारा अवशोषित कुल माध्य शक्ति कितनी है?
[‘माध्य में यह समाविष्ट है कि इसे पूरे चक्र के लिए लिया गया है।]
Solution
दिया है, L = 80 × 10-3 H, C= 60 × 10-6 F, Vrms = 230 V, v = 50 Hz
(a) प्रेरण प्रतिघात XL = 2 π v L = 2 × 3.14 × 50 × 80 × 10-3
= 25.12 Ω
धारितीय प्रतिघात `"X"_"L" = 1/(2pi"vC") = 1/(2 xx 3.14 xx 50 xx 60 xx 10^-6)` = 53.07 Ω
∴ परिपथ की प्रतिबाधा Z = `"X"_"C" ~ "X"_"L" = 27.95 ~~ 28 Omega`
∴ परिपथ में धारा `"i"_"rms" = "V"_"rms"/"Z" = 230/28` = 8.21 A
धारा का शिखर मान `"i"_0 = "i"_"rms" sqrt2 = 8.21 xx 1.414 = 11.60` A
(b) प्रेरक के सिरों पर विभावपात
`"V"_"L" = "i"_"rms" xx "X"_"L" = 8.21 xx 25.12` = 206 V
संधारित्र के सिरों पर विभावपात
`"V"_"C" = "i"_"rms" xx "X"_"C" = 8.21 xx 53.07 = 436` V
(c) ∴ प्रेरक के लिए धारा तथा विभवान्तर के बीच कलान्तर `phi = pi/2`
∴ प्रेरक में माध्य शक्ति `"P"_"L" = "V"_"rms" xx "i"_"rms" xx cos pi/2` = 0
(d) संधारित्र के लिए धारा तथा विभवान्तर के बीच कलान्तर `phi = pi/2`
∴ संधारित्र में माध्य शक्ति `"P"_"C" = "V"_"rms" xx "i"_"rms" xx cos pi/2` = 0
(e) परिपथ द्वारा अवशोषित माध्य शक्ति भी शून्य होगी।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कल्पना कीजिए कि प्रश्न 7 में संधारित्र पर प्रारम्भिक आवेश 6 mC है। प्रारम्भ में परिपथ में कुल कितनी ऊर्जा संचित होती है? बाद में कुल ऊर्जा कितनी होगी?
एक रेडियो को MW प्रसारण बैण्ड के एक खण्ड के आवृत्ति परास के एक ओर से दूसरी ओर (800 kHz से 1200 kHz) तक समस्वरित किया जा सकता है। यदि इसके LC परिपथ का प्रभावकारी प्रेरकत्व 200 µH हो तो उसके परिवर्ती संधारित्र की परास कितनी होनी चाहिए?
[संकेत : समस्वरित करने के लिए मूल आवृत्ति अर्थात् LC परिपथ के मुक्त दोलनों की आवृत्ति रेडियो तरंग की आवृत्ति के समान होनी चाहिए]
40 Ω प्रतिरोध के श्रेणीक्रम में एक 100 μF के संधारित्र को 110 V, 60 Hz की आपूर्ति से जोड़ा गया है।
- परिपथ में अधिकतम धारा कितनी है?
- धारा शीर्ष व वोल्टेज शीर्ष के बीच समय-पश्चता कितनी है?
यदि परिपथ को 110 V, 12 kHz आपूर्ति से जोड़ा जाए तो प्रश्न 7.15 (a) व (b) का उत्तर निकालिए। इससे इस कथन की व्याख्या कीजिए कि अति उच्च आवृत्तियों पर एक संधारित्र चालक होता है। इसकी तुलना उस व्यवहार से कीजिए जो किसी dc परिपथ में एक संधारित्र प्रदर्शित करता है।
एक प्रयुक्त वोल्टता संकेत एक dc वोल्टता तथा उच्च आवृत्ति के एक ac वोल्टता के अध्यारोपण से निर्मित है। परिपथ एक श्रेणीबद्ध प्रेरक तथा संधारित्र से निर्मित है। दर्शाइए कि dc संकेत C तथा ac संकेत L के सिरे पर प्रकट होगा।