Advertisements
Advertisements
प्रश्न
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
लम् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
उत्तर
धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
लम् (१ आ.प.) | लब्धः | लब्धवान् | लभनीयः | लभमानः |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
शीघ्रम् = ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
योग्यं पर्यायं चिनुत ।
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। ("त्वं" स्थाने "भवान्" योजयत।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
प्रजाजनैः सह कृषिकार्यं कुरु। (लकारं लिखत।)
प्रश्रनिमांण करुत ।
प्रदोषकाले मृगमन्विष्यन् काकः कत्र उपस्थितः ।
पूर्वपदं लिखत ।
मृतोऽसि =______ + असि।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मृगः प्रत्यहं तत्र गत्वा सस्यम् अखादत्। (त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
बकास्तत्र
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
जलव्यवस्थापनम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
क्षेत्रपति: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
लगुडहस्तः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
विद्याविहीनः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत ।
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
______ | ब्रह्मभ्याम् | ______ | तृतीया |
ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
हस्तस्थम् | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
______ | अप्सरोभ्याम् | ______ | तृतीया |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
ब्रू (२ उ.) | वदति | लङ् | ______ | अब्रूताम् | अब्रुवन् |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणी प्राणमत् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
आचार्यः शिष्यगणेन सह गङ्गास्नानार्थं गच्छति स्म।
(‘स्म’ निष्कासयत ।)
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
सद्गुणसम्पत्तिः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
चरमबिन्दुः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अरुचि: | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
______ नमः । (‘वैद्यराज’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
ज्ञा (९ उ.प.) | ज्ञात: | ज्ञातवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
वद् (१ प.प.) | ______ | उदितवान् | वदनीयः | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
महाकाव्यम् | ______ | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | स्तम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
विन्देयम् | ______ | ______ | उत्तमः | विधिलिङ् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नवसप्ततिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८० - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४४ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
३८ - ______
लकारं लिखत ।
तत्प्रा यतस्व । - ______
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
अल्पधी: | ______ | ______ |
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
लघुः × ______।