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प्रश्न
अस्माभिः संस्कृतं किमर्थं पठनीयम्?
उत्तर
अस्माभिः संस्कृतं अवश्यमेव पठनीयम् तेन मनुष्यस्य समाजस्य च परिष्कारः भवेत्।
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काः अभ्युदयाय प्रेरयन्ति?
सङ्णकस्य कृते सर्वोत्तमा भाषा का?
इकारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दरूपम् अधिकृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत-
गति (प्रथमा) | गतिः | ______ | ______ |
इकारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दरूपम् अधिकृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत-
मति (प्रथमा) |
______ |
______ |
मतय: |
इकारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दरूपम् अधिकृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत-
प्रीति (द्वितीया) |
______ |
प्रीती |
______ |
इकारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दरूपम् अधिकृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत-
नीति (तृतीया) | नीत्या | ______ | ______ |
इकारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दरूपम् अधिकृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत-
धृति (सप्तमी) |
______ |
धृत्यो: |
______ |
इकारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दरूपम् अधिकृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत-
भीति (सप्तमी) |
______ |
भीत्यो: |
______ |
इकारान्त-स्त्रीलिङ्गशब्दरूपम् अधिकृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत-
मति (सम्बोधन) | ______ | हे मती! | ______ |
रेखाङ्कितानि पदानि अधिकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
वरिष्ठान् प्रति अस्माभिः प्रियं व्यवहर्त्तव्यम्।
उदाहरणानुसारं पदानां विभक्तिं वचनञ्च लिखत-
पदानि |
विभक्ति |
वचनम् |
यथा - संस्कृते: |
षष्ठी |
एकवचनम् |
गति: |
______ |
______ |
उदाहरणानुसारं पदानां विभक्तिं वचनञ्च लिखत-
पदानि |
विभक्ति |
वचनम् |
यथा - संस्कृते: |
षष्ठी |
एकवचनम् |
सूक्तय: |
______ |
______ |
उदाहरणानुसारं पदानां विभक्तिं वचनञ्च लिखत-
पदानि |
विभक्ति |
वचनम् |
यथा - संस्कृते: |
षष्ठी |
एकवचनम् |
प्रीत्यै |
______ |
______ |