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दुर्लभ गुणों को एक ही पात्र में दिखाने के पीछे कवि का क्या उद्देश्य है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

दुर्लभ गुणों को एक ही पात्र में दिखाने के पीछे कवि का क्या उद्देश्य है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

प्रायः दुर्लभ गुणों का समावेश एक ही व्यक्ति में होना असंभव होता है। ऐसा व्यक्ति ढूँढकर भी नहीं मिलता। कवि के अंदर ऐसी क्षमता होती है कि वह ऐसे दुर्लभ गुणों से युक्त पात्र का निर्माण कर सकता है। यह मात्र मनोरंजन के लिए नहीं होता है। इसके पीछे खास उद्देश्य होता है। वह उद्देश्य है, दिशाहीन मनुष्य को दिशा दिखाना। प्रायः कुछ गुण मनुष्य में जन्मजात होते हैं और कुछ गुणों का समावेश करवाया जाता है। अतः जब हम ऐसे पात्रों की रचना करते हैं, जिसमें दुर्लभ गुणों का समावेश होता है तो हमारा उद्देश्य समाज के आगे आदर्श पात्र रखना है। यह समाज में लोगों का आदर्श बन जाता है। यही आदर्श लोगों में दुर्लभ गुणों का विकास कर सकता है। कवि ने राम की कल्पना की तो उसका उद्देश्य था हर घर में राम जैसे गुणों वाली संतान, पति, मित्र तथा मनुष्य हो। इस तरह समाज में दुर्गुणों को समाप्त करके आदर्श स्थापित करने का प्रयास किया जाता है और समाज में व्याप्त रावण को समाप्त कर दिया जाता है।
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यथास्मै रोचते विश्वम्
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पाठ 2.08: रामविलास शर्मा (यथास्मै रोचते विश्वम्) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १४५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
पाठ 2.08 रामविलास शर्मा (यथास्मै रोचते विश्वम्)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ १४५

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