Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 9 cm, 7 cm और 17 cm लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
उत्तर
नहीं। यहाँ, हम देखते हैं कि 9 + 7 = 16 < 17
अर्थात् त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से कम होता है।
इसलिए, यह इस गुण का खंडन करता है कि त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है।
इसलिए, दी गई भुजाओं से त्रिभुज की रचना करना संभव नहीं है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
त्रिभुजों ABC और PQR में, ∠A = ∠Q और ∠B = ∠R है। ∆PQR की कौन सी भुजा ∆ABC की भुजा AB के बराबर होनी चाहिए कि दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हों? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
“यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ और एक कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और एक कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज अवश्य ही सर्वांगसम होने चाहिए।” क्या यह कथन सत्य है? क्यों?
∆PQR की भुजा QR पर S कोई बिंदु स्थित है। दर्शाइए कि PQ + QR + RP > 2PS है।
AB = AC वाले एक समद्विबाहु त्रिभुज के कोणों B और C के समद्विभाजक परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं। दर्शाइए कि ∠ABC के आसन्न एक बहिष्कोण ∠BOC के बराबर हैं।
निम्नलिखित आकृति में, AD कोण BAC का समद्विभाजक है। सिद्ध कीजिए कि AB > BD है।
एक समकोण त्रिभुज में, सिद्ध कीजिए कि कर्ण के मध्य-बिंदु को उसके सम्मुख शीर्ष से मिलाने वाला रेखाखंड कर्ण का आधा होता है।
ABCD एक चतुर्भुज इस प्रकार है कि विकर्ण AC दोनों कोणों A और C का समद्विभाजक है। सिद्ध कीजिए कि AB = AD और CB = CD है।
सिद्ध कीजिए कि एक समबाहु त्रिभुज को छोड़कर, किसी त्रिभुज में सबसे लंबी भुजा का सम्मुख कोण एक समकोण के `2/3` भाग से बड़ा होता हैं।
ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें AB = AD और CB = CD है। सिद्ध कीजिए कि AC, BD का लंब समद्विभाजक है।