Advertisements
Advertisements
प्रश्न
यदि `[(2, 1, 3)] [(-1, 0, -1),(-1, 1, 0),(0, 1, 1)] [(1),(0),(-1)]` = A हो तो A ज्ञात कीजिए।
उत्तर
हमारे पास, `[(2, 1, 3)]_(1 xx 3) [(-1, 0, -1),(-1, 1, 0),(0, 1, 1)]_(3 xx 3) [(1),(0),(-1)]_(3 xx 1)` = A
∴ `[(2, 1, 3)]_(1 xx 3) [(-1 + 0 + 1),(-1 + 0 + 0),(0 + 0 - 1)]_(3 xx 1)` = A
⇒ `[(2, 1, 3)]_(1 xx 3) [(0),(-1),(-1)]_(3 xx 1)`` = A
⇒ `[0 -1 -3]` = A
⇒ A = [– 4]
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
यदि A एक 3 × 3 कोटि का व्युत्क्रमणीय आव्यूह है तो दिखाइए कि किसी भी अदिश k (शून्येतर) के लिए kA व्युत्क्रमणीय है तथा `("kA")^-1 = 1/"k" "A"^-1`
यदि आव्यूह A = `[("a", 1, x),(2, sqrt(3), x^2 - y),(0, 5, (-2)/5)]`, तो A के अवयव a23, a31, a12 लिखिए।
यदि संभव हो, तो A और B आव्यूहों का योग ज्ञात कीजिए, जहाँ A = `[(sqrt(3), 1),(2, 3)]`, और B = `[(x, y, z),(a, "b", 6)]` है।
यदि A = `[(0, 1),(1, 1)]` और B = `[(0, -1),(1, 0)]` हैं तो दिखाइए कि (A + B) (A - B) A2 - B2.
एक उदाहरण की सहायता से दिखाइए कि जब आव्यूह A ≠ O, B ≠ O हो तब भी AB = O आव्यूह हो।
आव्यूह A, B और C के ऐसे उदाहरण दीजिए जो इस प्रकार हों कि AB = BC, जहाँ A एक शून्येतर आव्यूह है, परंतु B ≠ C है।
यदि a = `[(1, 2), ( -2, 1)]`, b = `[(2, 3), (3, -4)]` और c = `[(1, 0), ( -1, 0)] `, हों तो सत्यापित कीजिए: A(B + C) = AB + AC.
यदि P = `[(x, 0, 0),(0, y, 0),(0, 0, z)]` और Q = `[("a", 0, 0),(0, "b", 0),(0, 0, "c")]` तो सिद्ध कीजिए कि PQ = `[(x"a", 0, 0),(0, y"b", 0),(0, 0, z"c")]` = QP.
यदि A = `[(0, -1, 2),(4, 3, -4)]` और B = `[(4, 0),(1, 3),(2, 6)]`, हों तो सत्यापित कीजिए कि (A′)′ = A
यदि A = `[(0, -1, 2),(4, 3, -4)]` और B = `[(4, 0),(1, 3),(2, 6)]`, हों तो सत्यापित कीजिए कि (A′)′ = (AB)' = B'A'
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि A + (B + C) = (A + B) + C
गणितीय आगम के प्रयोग से सिद्ध कीजिए कि किसी भी वर्ग आव्यूह के लिए (A′)n = (An)′, जहाँ n ∈ N
प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं से निम्नलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि संभव हो तो) ज्ञात कीजिए:
`[(1, 3),(-5, 7)]`
आव्यूह A ज्ञात कीजिए जो इस प्रकार हो कि `[(2, -1),(1, 0),(-3, 4)] "A" = [(-1, -8, -10),(1, -2, -5),(9, 22, 15)]`
यदि A = `[(0, 2y, z),(x, y, -z),(x, -y, z)]` इस प्रकार हो कि A′ = A–1 तो x, y तथा z के मान ज्ञात कीजिए।
यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, 3, -3),(-1, 2, 2),(1, 1, -1)]`
यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, 0, -1),(5, 1, 0),(0, 1, 3)]`
आव्यूह `[(2, 3, 1),(1, -1, 2),(4, 1, 2)]` को एक सममित तथा एक विषम सममित आव्यूह के योग के रूप में लिखिए।
यदि A = `1/pi [(sin^-1(xpi), tan^-1(x/pi)),(sin^-1(x/pi), cot^-1(pix))]`, B = `1/pi [(-cos^-1(x/pi), tan^-1 (x/pi)),(sin^-1(x/pi),-tan^-1(pix))]` हो तो A – B बराबर है।
यदि A एक m × n कोटि का आव्यूह है और B इस प्रकार का आव्यूह है कि AB′ और B′A दोनों ही परिभाषित हों तो आव्यूह B की कोटि होगी।
यदि A और B समान कोटि के आव्यूह हों तो (AB′–BA′)
यदि A इस प्रकार कौ आव्यूह है कि A2 = I, तब (A – I)3 + (A + I)3 –7A बराबर होगा।
यदि A विषम सममित आव्यूह है तो kA (k कोई अदिश है) एक ______ है।
यदि A और B सममित आव्यूह हैं तो BA – 2AB ______ है।
आव्यूहों का योग, साहचर्य तथा क्रम विनिमेय दोनों ही नियमों का पालन करता है।
यदि A विषम सममित आव्यूह है तो A2 सममित आव्यूह होगा।
(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।