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प्रश्न
एक उदाहरण की सहायता से दिखाइए कि जब आव्यूह A ≠ O, B ≠ O हो तब भी AB = O आव्यूह हो।
उत्तर
चलो A = `[(1, -1),(-1, 1)]` और B = `[(1, 1),(1, 1)]`
AB = `[(1, -1),(-1, 1)][(1, 1),(1, 1)]`
⇒ AB = `[(1 - 1, 1 - 1),(-1 + 1, -1 + 1)]`
= `[(0, 0),(0, 0)]` = O
इसलिए, A = `[(1, -1),(-1, 1)]` और B = `[(1, 1),(1, 1)]`
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यदि A और B समान कोटि के आव्यूह हैं तब (3A -2B)′ = ______
आव्यूहों का व्यवकलन साहचर्य होता है।
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यदि a = `[(1, 2), ( -2, 1)]`, b = `[(2, 3), (3, -4)]` और c = `[(1, 0), ( -1, 0)] `, हों तो सत्यापित कीजिए: A(B + C) = AB + AC.
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A = `[(0, 1, -1),(4, -3, 4),(3, -3, 4)]` के लिए सत्यापित कीजिए कि A2 = I
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यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, -1, 3),(-5, 3, 1),(-3, 2, 3)]`
यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, 0, -1),(5, 1, 0),(0, 1, 3)]`
आव्यूह `[(0, -5, 8),(5, 0, 12),(-8, -12, 0)]`
प्रारंभिक पंक्ति संक्रिया R1 → R1 – 3R2 का प्रयोग आव्यूह समीकरण `[(4, 2),(3, 3)] = [(1, 2),(0, 3)] [(2, 0),(1, 1)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
दो विषम सममित आव्यूहों का योग सदैव ______ आव्यूह होता है।
यदि A एक सममित आव्यूह है तो A3 एक ______ आव्यूह होगा।
यदि A और B सममित आव्यूह हैं तो BA – 2AB ______ है।
यदि A और B समान कोटि के सममित आव्यूह हें तो AB सममित आव्यूह होगा यदि और केवल यदि ______
एक या अधिक प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से A–1 ज्ञात करते समय यदि एक या एक से अधिक पंक्तियों के सभी अवयव शून्य हो जाएँ तो A–1 ______ होता है।
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यदि (AB)′ = B′ A′, जहाँ A और B वर्ग आव्यूह नहीं है तब A के पंक्तियों की संख्या B के स्तंभों की संख्या के बराबर होगी तथा A के स्तभों की संख्या B के पंक्तियों की संख्या के बराबर होगी।