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प्रश्न
एक उदाहरण की सहायता से दिखाइए कि जब आव्यूह A ≠ O, B ≠ O हो तब भी AB = O आव्यूह हो।
उत्तर
चलो A = `[(1, -1),(-1, 1)]` और B = `[(1, 1),(1, 1)]`
AB = `[(1, -1),(-1, 1)][(1, 1),(1, 1)]`
⇒ AB = `[(1 - 1, 1 - 1),(-1 + 1, -1 + 1)]`
= `[(0, 0),(0, 0)]` = O
इसलिए, A = `[(1, -1),(-1, 1)]` और B = `[(1, 1),(1, 1)]`
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यदि एक आव्यूह में 28 अवयव हैं, तो इसकी संभव कोटियाँ क्या हैं? यदि इसमें 13 अवयव हों तो कोटियाँ क्या होंगी?
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सिद्ध कीजिए कि किसी भी आव्यूह A के लिए A′A तथा AA′ दोनों ही सममित आव्यूह हैं।
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यदि संभव हो तो प्रांरभिक पंक्ति संक्रियाओं के प्रयोग से निम्मलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए।
`[(2, 3, -3),(-1, 2, 2),(1, 1, -1)]`
आव्यूह `[(2, 3, 1),(1, -1, 2),(4, 1, 2)]` को एक सममित तथा एक विषम सममित आव्यूह के योग के रूप में लिखिए।
यदि A = `1/pi [(sin^-1(xpi), tan^-1(x/pi)),(sin^-1(x/pi), cot^-1(pix))]`, B = `1/pi [(-cos^-1(x/pi), tan^-1 (x/pi)),(sin^-1(x/pi),-tan^-1(pix))]` हो तो A – B बराबर है।
यदि आव्यूह A = [aij]2×2 इस प्रकार है कि aij `[:( 1 "यदि i" ≠ "j" ),( 0 "यदि i" ≠ "j" ):]` तब A2 बराबर है।
प्रारंभिक स्तंभ संक्रिया C2 → C2 – 2C1, का प्रयोग आव्यूह समीकरण
`[(1, -3),(2, 4)] = [(1, -1),(0, 1)] [(3, 1),(2, 4)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
किसी आव्यूह को एक अदिश ______ से गुणा करने पर शून्य आव्यूह प्राप्त होता है।
यदि A सममित आव्यूह है तो B′AB ______ है।
किसी भी कोटि के आव्यूहों को जोड़ा जा सकता है।
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एक वर्ग आव्यूह जिसका प्रत्येक अवयव 1 हो तो उसे तत्समक आव्यूह कहते हैं।
यदि आव्यूह AB = O, तब A = O या B = O या दोनों A और B शून्य आव्यूह हैं।
(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।