Advertisements
Advertisements
Question
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
बालसूर्यबिम्बम् | ______ | _____ |
Solution
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
बालसूर्यबिम्बम् | बाल : सूर्य बालसूर्यस्य बिम्बम् |
कर्मधारयः । षष्ठी तत्पुरुषः । |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
शीघ्रम् = ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। ("त्वं" स्थाने "भवान्" योजयत।)
पूर्वपदं लिखत ।
वातेनोदरम् = ______ + उदरम् ।
मञ्जूषात: उचितं शब्दं चित्वा तालिकां पूरयत
नीतिनिपुणाः | ______ | ______ | वा| |
______ | समाविशतु | ______ | वा| |
______ | अचचैव | ______ | वा| |
(निन्दन्तु, गच्छतु, युगान्तरे, मरणम्, लक्ष्मी:, स्तुवन्तु ।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
रथस्यैकम् ।
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चिन्ताकुल : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
विविधबीजानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
क्षुद्रबुद्धिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
विद्याविहीनः | ______ | ______ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतम मूल्यं मह्यं दद्यात् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | ______ | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
क्रियापद्तालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
स्पृहयेत् | ______ | ______ | प्रथमः | विधिलिङ् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
राजसद्म | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
कणादमुनि: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
जपाकुसुमम् | ______ | _____ |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
रज्जवे | ______ | ______ | चतुर्थी |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
बालवीरचमूः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
पाषाणखण्डा : | ______ | ______ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
पदवी मया प्राप्ता ।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
आ + रुह्- रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीयः | मुञ्चन्: |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
प्र + विश् (६ उ.प.) | प्रविष्ट: | ______ | ______ | प्रविशन् |
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
अस्माभिः संस्कृतस्य अध्ययनं ______ कृतम् ।
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
रामाभिषेकः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
समुद्रसुता | ______ | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
विन्देयम् | ______ | ______ | उत्तमः | विधिलिङ् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
पूज्(१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत । -
षट्त्रिंशत् - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्रिचत्वारिशत् - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
षण्णवतिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत ।
२३ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत
७८ - ______
लकारं लिखत ।
काकः उपादिशत् ।- ______