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विमाओं 49 cm × 33 cm × 24 cm के घनाभ के आकार के लोहे के किसी ठोस टुकड़े को पिघलाकर एक ठोस गोले के रूप में ढाला जाता है। गोले की त्रिज्या ______ है। - Mathematics (गणित)

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Question

विमाओं 49 cm × 33 cm × 24 cm के घनाभ के आकार के लोहे के किसी ठोस टुकड़े को पिघलाकर एक ठोस गोले के रूप में ढाला जाता है। गोले की त्रिज्या ______ है।

Options

  • 21 cm

  • 23 cm

  • 25 cm

  • 19 cm

MCQ
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Solution

विमाओं 49 cm × 33 cm × 24 cm के घनाभ के आकार के लोहे के किसी ठोस टुकड़े को पिघलाकर एक ठोस गोले के रूप में ढाला जाता है। गोले की त्रिज्या 21 cm है।

स्पष्टीकरण:

जैसा कि हम जानते हैं,

घनाभ का आयतन = lbh

जहाँ, l = लंबाई, b = चौड़ाई और h = ऊँचाई

दिए गए घनाभ के लिए,

लंबाई, l = 49 cm

चौड़ाई, b = 33 cm

ऊँचाई, h = 24 cm

घन का आयतन = 49 × (33) × (24) cm3

अब,

माना घन की त्रिज्या r है।

चूँकि गोले का आयतन = `4/3pir^3`

जहाँ r = गोले की त्रिज्या

साथ ही, घनाभ का आयतन = ढले गए गोले का आयतन

तो, 49(33)(24) = `4/3pir^3`

⇒ πr3 = 29106

⇒ r3 = `29106 xx 22/7`

⇒ r3 = 9261

⇒ r = `root(3)(9261)` cm = 21 cm 

अतः, गोले की त्रिज्या 21 cm है।

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ठोसों के संयोजन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
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Chapter 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन - प्रश्नावली 12.1 [Page 141]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Mathematics [Hindi] Class 10
Chapter 12 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
प्रश्नावली 12.1 | Q 10. | Page 141

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दवा का एक कैप्सूल एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरों पर एक - एक अर्धगोला लगा हुआ है। पूरे कैप्सूल की लंबाई 14 मिमी है और उसका व्यास 5 मिमी है। इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।   [उपयोग `pi = 22/7`]


कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और व्यास क्रमश: 2.1 मी और 4 मी है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 मी है तो इस तंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवस का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। साथ ही, 500 रु प्रति वर्ग मी2 की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवस की लागत ज्ञात कीजिए। (ध्यान दें कि तम्बू का आधार कैनवास से ढका नहीं होगा।)

[उपयोग π = `22/7`]


ऊँचाई 2.4 सेमी और व्यास 1.4 सेमी वाले एक ठोस बेलन में से इसी ऊँचाई और इसी व्यास वाला एक शंक्वाकार खोल काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का निकटम वर्ग सेंटीमीटर तक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।  

[उपयोग π = `22/7`]


एक साहुल निम्नलिखित का संयोजन है:


तिर्यक ऊँचाई 45 cm वाली एक बाल्टी के ऊपरी और निचले सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 28 cm और 7 cm हैं। इस बाल्टी का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ______ है।


एक ही आधार त्रिज्या r वाले दो ठोस अर्धगोलों को उनके आधारों के अनुदिश जोड़ दिया गया है। तब नये ठोस का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ______ है।


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त्रिज्या r और ऊँचाई h वाले एक ठोस शंकु को उसी आधार त्रिज्या और ऊँचाई वाले एक ठोस बेलन के ऊपर रखा जाता है, जो शंकु की हैं। संयोजित ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल `pir[sqrt(r^2 + h^2) + 3r + 2h]` है।


एक बेलनाकार बर्तन, जिसकी तली में अर्धगोलाकार भाग आकृति में दर्शाए अनुसार ऊपर की ओर उठा हुआ है, की धारिता `(πr^2)/3[3h - 2r]` है।


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