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Chapters
2: क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं?
3: परमाणु एवं अणु
4: परमाणु की संरचना
5: जीवन की मौलिक इकाई
6: ऊतक
7: जीवों में विविधता
8: गति
9: बल तथा गति के नियम
▶ 10: गुरुत्वाकर्षण
11: कार्य एवं ऊर्जा
12: ध्वनि
13: हम बीमार क्यों होते हैं?
14: प्राकृतिक संपदा
15: खाद्य संसाधनों में सुधार
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Solutions for Chapter 10: गुरुत्वाकर्षण
Below listed, you can find solutions for Chapter 10 of CBSE NCERT Exemplar for Science [Hindi] Class 9.
NCERT Exemplar solutions for Science [Hindi] Class 9 10 गुरुत्वाकर्षण प्रश्नावली [Pages 64 - 67]
चंद्रमा के पृष्ठ के निकट मुक्त रूप से गिरते विभिन्न द्रव्यमानों के दो पिंडों -
के वेग किसी भी क्षण समान होंगे
के विभिन्न त्वरण होंगे
पर समान परिमाण के बल कार्य करेंगे
के जड़त्वों में परिवर्तन हो जाएँगे
गुरुत्वीय त्वरण का मान -
विषुवत वृत्त तथा ध्रुवों पर समान होता है
ध्रुवों पर न्यूनतम होता है
विषुवत वृत्त पर न्यूनतम होता है
ध्रुवों से विषुवत वृत्त की ओर बढ़ता है
दो पिंडों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल F है। यदि दोनों पिंडों के द्रव्यमान उनके बीच की दूरी को समान रखते हुए आधे कर दिए जाएँ, तो गुरुत्वाकर्षण बल हो जाएगा -
F/4
F/2
F
2F
कोई लड़का डोरी से बंधे पत्थर को किसी क्षैतिज वृत्ताकार पथ में घुमा रहा है। यदि डोरी टूट जाएतो वह पत्थर -
वृत्ताकार पथ में गति करेगा
वृत्ताकार पथ के केंद्र की ओर सरल रेखा के अनुदिश गति करेगा
वृत्ताकार पथ पर किसी सरल रेखीय स्पर्शी के अनुदिश गति करेगा
लड़के से दूर वृत्ताकार पथ के अभिलंबवत् सरल रेखा के अनुदिश गति करेगा
किसी पिंड को बारी-बारी से विभिन्न घनत्वों के तीन द्रवों में रखा जाता है। वह पिंड d1, d2 तथा d3 घनत्वों के द्रवों में क्रमशः `1/9, 2/11 "तथा" 3/7` भाग को द्रव से बाहर रखते हुए तैरता है। घनत्वों के विषय में कौन-सा कथन सही है?
d1 > d2 > d3
d1 > d2 < d3
d1 > d2 < d3
d1 < d2 < d3
संबंध F = GM m/d2 में राशि G
परीक्षण स्थल पर g के मान पर निर्भर करती है
का उपयोग दो द्रव्यमानों में से एक पृथ्वी होने पर ही किया जाता है
पृथ्वी की सतह पर अधिकतम होता है
प्रकृति का सार्वत्रिक नियतांक है
गुरुत्वाकर्षण के नियम में गुरुत्वाकर्षण बल
केवल पृथ्वी तथा बिंदु द्रव्यमान के बीच होता है
केवल सूर्य तथा पृथ्वी के बीच होता है
द्रव्यमान रखने वाले किन्हीं भी दो पिंडों के बीच होता है
केवल दो आवेशित पिंडों के बीच होता है
गुरुत्वाकर्षण के नियम में राशि G का मान
केवल पृथ्वी के द्रव्यमान पर निर्भर करता है
केवल पृथ्वी की त्रिज्या पर निर्भर करता है
पृथ्वी के द्रव्यमान एवं त्रिज्या दोनों पर निर्भर करता है
पृथ्वी के द्रव्यमान एवं त्रिज्या पर निर्भर नहीं करता है
दो कण कुछ दूरी पर रखे हैं। यदि दोनों कणों के द्रव्यमान दोगुने कर दिए जाएँ तथा इनके बीच की दूरी अपरिवर्तित रखें, तो इनके बीच का गुरुत्वाकर्षण बल
`1/4` गुना हो जाएगा
4 गुना हो जाएगा
`1/2 ` हो जाएगा
अपरिवर्तित रहेगा
वायुमंडल पृथ्वी से जकड़ा हुआ है -
गुरुत्व बल द्वारा
पवन द्वारा
बादलों द्वारा
पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र द्वारा
एकांक दूरी पर स्थित दो एकांक द्रव्यमानों के बीच आकर्षण बल कहलाता है -
गुरुत्वीय विभव
गुरुत्वीय त्वरण
गुरुत्वीय क्षेत्र
सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक
R त्रिज्या की पृथ्वी के केंद्र पर किसी पिंड का भार
शून्य होता है
अनंत होता है
पृथ्वी के पृष्ठ पर भार का R गुना होता है
पृथ्वी के पृष्ठ पर भार का `1/"R"^2` गुना होता है
किसी पिंड का वायु में भार 10 N है। जल में पूरा डुबाने पर इसका भार केवल 8 N है। पिंड द्वारा विस्थापित जल का भार होगा -
2N
8N
10N
12N
कोई लड़की 60 cm लंबे 40cm चौड़े तथा 20cm ऊँचे किसी बॉक्स पर तीन ढंग से खड़ी होती है। बॉक्स द्वारा लगाया गया दाब -
तब अधिकतम होगा जब आधार लंबाई व चौड़ाई से बना है
तब अधिकतम होगा जब आधार चौड़ाई व ऊँचाई से बना है
तब अधिकतम होगा जब आधार ऊँचाई व लंबाई से बना है
उपरोक्त तीनों प्रकरणों में समान होगा
कोई सेब किसी वृक्ष से पृथ्वी पर पृथ्वी व सेब के बीच गुरुत्वाकर्षण बल के कारण गिरता है। यदि पृथ्वी द्वारा सेब पर आरोपित बल का परिमाण F है तथा सेब द्वारा पृथ्वी पर आरोपित बल का परिमाण F2 है, तो -
F2 की तुलना में F1 बहुत अधिक होता है
F1 की तुलना में F2 बहुत अधिक होता है
F2 की तुलना में F1 बहुत अधिक होता है
F1 व F2 बराबर होते हैं
सूर्य के चारों ओर किसी ग्रह की परिक्रमा करने के लिए आवश्यक अभिकेंद्र बल का स्रोत क्या यह बल किन कारकों पर निर्भर करता है?
पृथ्वी पर, किसी ऊँचाई से कोई पत्थर पृथ्वी के पृष्ठ के समांतर दिशा में फेंका जाता है तथा उसी क्षण कोई अन्य पत्थर उसी ऊँचाई से ऊर्ध्वाधर नीचे गिराया जाता है। इनमें से कौन-सा पत्थर पृथ्वी पर पहले पहुँचेगा और क्यों?
मान लीजिए पृथ्वी का गुरुत्व बल अचानक शून्य हो जाता है, तो चंद्रमा किस दिशा में गति करना आरंभ कर देगा (यदि उसे अन्य आकाशीय पिंड प्रभावित न करें)?
दो वायुयानों, जिनमें एक विषुवत वृत्त के ऊपर तथा दूसरा उत्तरी ध्रुव के ऊपर है, से h ऊँचाई से सर्वसम पैकेट गिराए जाते हैं। यह मानते हुए कि सभी स्थितियाँ सर्वसम हैं। क्या सभी पैकेट पृथ्वी के पृष्ठ पर एक ही समय पहुँचेंगे? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
किसी व्यक्ति का चंद्रमा पर भार उसके पृथ्वी पर भार का लगभग `1/6` गुना है। वह पृथ्वी पर 15 kg द्रव्यमान उठा सकता है। चंद्रमा पर उतना ही बल लगाकर वह व्यक्ति कितना अधिकतम द्रव्यमान उठा सकेगा?
g, G तथा R के पदों में पृथ्वी का औसत घनत्व परिकलित कीजिए।
पृथ्वी पर सूर्य का गुरुत्व बल कार्य करता हे, तथापि पृथ्वी सूर्य में नहीं गिरती। क्यों?
किसी पिंड के भार में उसके द्रव्यमान तथा त्रिज्या के सापेक्ष किस प्रकार परिवर्तन होता है? किसी परिकल्पित प्रकरण में यदि पृथ्वी का व्यास अपने वर्तमान मान का आधा तथा इसका द्रव्यमान अपने वर्तमान मान का चार गुना हो जाए, तो पृथ्वी के पृष्ठ पर रखे किसी पिंड के भार पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
दो पिंडों के बीच आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों तथा उनके बीच की दूरी पर किस प्रकार निर्भर करता है? किसी छात्र ने यह सोचा कि एक-दूसरे से बँधी दो ईंट, एक ईंट की तुलना में गुरुत्व बल के अधीन अधिक तेजी से गिरेंगी। क्या आप उसकी इस परिकल्पना से सहमत हैं अथवा नहीं? कारण लिखिए।
समान साइज तथा m1 एवं m2 द्रव्यमान के दो पिंड h1 एव h2 ऊँचाइयों से एक ही क्षण गिराए जाते हैं। उनके द्वारा पृथ्वी तक पहुँचने में लिए गए समयों का अनुपात ज्ञात कीजिए। क्या यह अनुपात यही रहेगा यदि एक पिंड खोखला तथा दूसरा ठोस हो, तथा (ii) दोनों पिण्ड खोखले हों तथा प्रत्येक प्रकरण में इनके साइज समान रहें। कारण लिखिए। कारण लिखिए।
5 cm भुजा के किसी घन को पहले जल तथा फिर नमक के संतृप्त विलयन में डुबोया गया। किस प्रकरण में यह अधिक उछाल बल अनुभव करेगा? यदि इस घन की प्रत्येक भुजा घटाकर 4 cm कर दी जाए और फिर इसे जल में डुबोया जाए तो जल के लिए पहले प्रकरण की तुलना में अब घन द्वारा अनुभव किए जाने वाले उछाल बल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
4 kg भार की 4,000 kg m-3 घनत्व की किसी गेंद को 10 kg m3 घनत्व के जल में पूरा डुबाया जाता है। इस पर उछाल बल ज्ञात कीजिए (दिया है g = 10ms-2)
Solutions for 10: गुरुत्वाकर्षण
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NCERT Exemplar solutions for Science [Hindi] Class 9 chapter 10 - गुरुत्वाकर्षण
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