Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
जलधरः
उत्तर
अभ्रं मेघो वारिवाहस्तडित्वान् वारिदोऽम्बुभृत्।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेद्विद्याम् = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
चोरः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
नित्यम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
वृक्षाः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
देवताः रमन्ते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
महताम् + ______ = महतामुदारता।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
लघुभारमिव = ______
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
अहं द्विवारं स्नानं करोमि स्म। ('स्म' निष्कासयत)
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
सत्वरम् × ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
प्रयोगः - ______
सन्धिं कुरुत।
तव + अपि (अ + अ) = ______
श्लोकात् षष्ठयन्तपदे चिनुत लिखत च।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तस्याधस्तात् = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
दुर्भिक्षम् - ______
समस्तपदं कुरुत।
स्वभावेन कृपणः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वेदान्तम् = ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
मुनयः वनप्रदेशे निवसन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः द्राक्षाफलम् (खाद्) उत्पतति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
परि + ______ = परीक्षा।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + ऊर्जा = भानूर्जा।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
(नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
(कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
(उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
(स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
महादेवः ______ पतिः। (पशु)
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
आदित्यः गुरुम् ______ (अनु + सृ) देशान्तरम् अव्रजत्।
हेत्वर्थक-अव्ययानि प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
भार्गवः ______ (स्ना) गङ्गानदी गच्छति।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
हे राधिके, फलानि गणय।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
छात्रौ प्रार्थनां स्मरताम्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
ध्यायेत् आजानुबाहुं श्रीरामम्।
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
जनैः पूजा ______। (कृ)
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
सन्धिकोषः।
नरश्चरितमात्मनः = ______ + चरितम् + ______।
सन्धिकोषः।
______ = प्रयासः + च।
सन्धिकोषः।
किञ्चिदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
______ = पणिभिः + यद्।
सन्धिकोषः।
किञ्चित् = ______ + चित्।
सन्धिकोषः।
घटस्तावत् = घटः + ______।
सन्धिकोषः।
त्वमगमः = ______ + अगमः।
सर्व पुलिङ्ग सर्वनाम।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
सर्वः | ______ | ______ | प्रथमा |
सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
हे सर्व | ______ | ______ | सम्बोधनम् |