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प्रश्न
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
समृद्धम् - ____________
विकल्प
परस्य
दुःखम्
आत्मानम्
बाधितः
परिवारः
सम्पन्नम्
त्यक्त्वा
सम्पूर्णे
उत्तर
समृद्धम् - सम्पन्नम्
APPEARS IN
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उच्चारणं कुरुत-
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मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत
अवरुद्धः - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
अन्यस्य - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
अपहाय - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
कष्टम् - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
निखिले - ______
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
गुरुं नमः।
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
पुरा - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
मानवाः - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
उदारचरितानाम् - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
अपहाय - ______
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
बन्धु: |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
घृणाया: |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
रक्षायाम् |
______ |
______ |
______ |
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
ज्ञानविज्ञानयोः | ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ नम:।
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ उभयत: पुत्रौ स्त:।