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प्रश्न
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
पाषाणखण्डा : | ______ | ______ |
उत्तर
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
पाषाणखण्डा : | पाषाणानां खण्डा : | षष्ठी तत्पुरुषः |
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संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत
१० - ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
त्वं धनुः त्यज । (त्वं ' स्थाने "भवान्" योजयत ।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि । (लृट् स्थाने लिङ् प्रयोगं कुरुत ।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
भूमिः स्त्रीरूपं धृत्वा तस्य पुरतः प्रकटिता अभवत् ।(र्वकालवाचक त्वान्त अव्ययं निष्कासयत।)
मेलनं कुरुत ।
विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव ।
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
धनधान्यपुष्पफलानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
प्रजाहितदक्षः | ______ | ______ |
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
वयं तु केवलं तस्य महाभागस्य नामधेयं जानीमः ।
(वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत ।)
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | ______ | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | ______ | चिन्तयामहे | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
कणादमुनि: | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
______ | अप्सरोभ्याम् | ______ | तृतीया |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
भुज् (७ उ.) | खादति | लट् विधिलिङ् |
______ भुञ्जीत | भुञ्जाथे भुञ्जीयाताम् |
भुङ्ग्ध्वे ______ |
धातु-तालिकां पूरयत
लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | ताः | प्रथमा |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणी प्राणमत् ।
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
कविपण्डिताः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
आयतलोचना | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अरुचि: | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
रभ् (१ आ.प.) | रब्धः | ______ | ______ | रभमाण : |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तृणैर्गुणत्वमापनर्बध्यन्ते - ______
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
पृष्ठतः ______ युवकाः गोष्ठिषु रताः ।
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
खाद् (९ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
द्विषष्टिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत ।
२३ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
९३ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४२ - ______
लकारं लिखत ।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुचत् ।
लकारं लिखत ।
त्वं स्चनां द्रष्टं शक्नोषि ।
लकारं लिखत ।
आचार्यः तं प्रणनाम - ______
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
बद्ध: × ______।