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प्रश्न
मान लीजिए कि A = N × N है तथा A में (a, b) * (c, d) = (a + c, b + d) द्वारा परिभाषित एक द्विआधारी संक्रिया है। सिद्ध कीजिए कि * क्रमविनिमेय तथा साहचर्य है। A में * का तत्समक अवयव, यदि कोई है, तो ज्ञात कीजिए।
उत्तर
A = N × N
* पर एक बाइनरी ऑपरेशन है और इसे इसके द्वारा परिभाषित किया गया है:
(a, b) * (c, d) = (a + c, b + d)
चलो (a, b), (c, d) ∈ A
फिर (a, b), (c, d) ∈ N
हमारे पास है,
(a, b) * (c, d) = (a + c, b + d)
(c, d) * (a, b) = (c + a, d + b) = (a + c, b + d)
∴ (a, b) * (c, d) = (c, d) * (a, b)
इसिलए, ऑपरेशन * सहचर्य है।
एक तत्व e = (e1, e2) ऑपरेशन के लिए एक पहचान तत्व होगा * यदि
a * e = a = e * a∀a = (a1, a2) ∈ A,
(a1 + e1 , a2 + e2) = (a1 , a2) = (e1 + a1, e2 + a2), जो A में किसी भी तत्व के लिए सही नहीं है।
इसलिए, ऑपरेशन * के पास कोई पहचान तत्व नहीं है।
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समुच्चय {1, 2, 3, 4, 5} में, निम्नलिखित संक्रिया सारणी द्वारा परिभाषित द्विआधारी संक्रिया * पर विचार कीजिए तथा
(i) (2 * 3) * 4 तथा 2 * (3 * 4) का परिकलन कीजिए।
(ii) क्या * क्रमविनिमेय है?
(iii) (2 * 3) * (4 * 5) का परिकलन कीजिए।
(संकेत : निम्न सारणी का प्रयोग कीजिए।)
* | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
1 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 |
2 | 1 | 2 | 1 | 2 | 1 |
3 | 1 | 1 | 3 | 1 | 1 |
4 | 1 | 2 | 1 | 4 | 1 |
5 | 1 | 1 | 1 | 1 | 5 |
मान लीजिए कि समुच्चय {1, 2, 3, 4, 5} में एक द्विआधारी संक्रिया *’, a *’ b = a तथा b का HCF द्वारा परिभाषित है। क्या संक्रिया *’ उर्पयुक्त प्रश्न 4 में परिभाषित संक्रिया * के समान है? अपने उत्तर का औचित्य भी बतलाइए।
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5 * 7, 20 * 16
मान लीजिए कि N में एक द्विआधारी संक्रिया *, a * b = a तथा b का LCM द्वारा परिभाषित है। निम्नलिखित ज्ञात कीजिए:
क्या संक्रिय * क्रमविनिमेय है?
क्या समुच्चय {1, 2, 3, 4, 5} में a * b = a तथा b का LCM द्वारा परिभाषित * एक द्विआधारी संक्रिया है? अपने उत्तर का औचित्य भी बतलाइए।
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ज्ञात कीजिए कि इनमें से कौन सी संक्रियाएँ क्रमविनिमेय हैं और कौनसी साहचर्य हैं।
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`a * b = a^b/4`
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प्रश्न 9 में दी गई संक्रियाओं में किसी का तत्समक है, वह बतलाइए।
बतलाइए कि क्या निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य हैं। औचित्य भी बतलाइए।
समुच्चय N में किसी भी स्वेच्छ द्विआधारी संक्रिया* के लिए a * a = a, ∀ a ∈ N
यदि N में * एक क्रमविनिमेय द्विआधारी संक्रिया है तो a * (b * c)=(c * b) * a
a * b = a3 + b3 प्रकार से परिभाषित N में एक द्विआधारी संक्रिया * पर विचार कीजिए। अब निम्नलिखित में से सही उत्तर का चयन कीजिए।
a * b = |a - b| तथा a o b = a, ∀ a, b ∈ R द्वारा परिभाषित द्विआधारी संक्रियाओं * : R × R → R तथा o : R × R → R पर विचार कीजिए | सिद्ध कीजिए कि * क्रमविनिमेय है परंतु साहचर्य नहीं है, o साहचर्य है परंतु क्रमविनिमेय नहीं है | पुनः सिद्ध कीजिए कि सभी a, b, c ∈ R के लिए a * (b o c) = (a * b) o (a * c) है | यदि ऐसा होता है, तो हम कहते हैं कि संक्रिया * संक्रिया o पर वितरित होती है | क्या o संक्रिया * पर वितरित है? अपने उत्तर का औचित्य भी बतलाइए |