Advertisements
Advertisements
Question
आकाशे का: चित्वा मौक्तिकहारं रचयाम ?
Solution
आकाशे विविधाः सुन्दरताराश्चित्वा मौक्तिकहारं रचयाम।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
राघवः ______ विहरति।(विमानयान)
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
कण्ठः ______ शोभते।
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
नभः ______ प्रकाशते। (सूर्य)
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
वायुयानं कं–कं क्रान्त्वा उपरि गच्छति ?
केषां गृहेषु हर्षं जनयाम ?
विलोमपदानि योजयत–
उत्रत: | पृथिव्याम् |
गगने | असुन्दर: |
सुन्दर: | अवनत: |
चित्वा | शोक: |
दु:खी | विकीर्य |
हर्ष: | सुखी |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
द्वितीया | ______ | ______ | गुरून् |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
तृतीया | ______ | पशुभ्याम् | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
पञ्चमी | वटोः | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
षष्ठी | गुरोः | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
सप्तमी | शिशौ | ______ | ______ |
पर्याय–पदानि योजयत–
गगने | जलद: |
विमले | निशाकर: |
चन्द्र: | आकाशे |
सूर्य: | निर्मले |
अम्बुद: | दिवाकर: |