Advertisements
Advertisements
Question
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
नभः ______ प्रकाशते। (सूर्य)
Fill in the Blanks
Solution
नभः सूर्येण प्रकाशते।
shaalaa.com
विमानयानं रचयाम
Is there an error in this question or solution?
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
पाठे दत्तं गीतं सस्वरं गायत।
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
कण्ठः ______ शोभते।
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
के वायुयानं रचयन्ति ?
वायुयानं कं–कं क्रान्त्वा उपरि गच्छति ?
वयं कस्मिन् लोके प्रविशाम?
आकाशे का: चित्वा मौक्तिकहारं रचयाम ?
विलोमपदानि योजयत–
उत्रत: | पृथिव्याम् |
गगने | असुन्दर: |
सुन्दर: | अवनत: |
चित्वा | शोक: |
दु:खी | विकीर्य |
हर्ष: | सुखी |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्ति: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
प्रथमा | भानु: | भानू | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
द्वितीया | ______ | ______ | गुरून् |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
चतुर्थी | साधवे | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
पञ्चमी | वटोः | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
षष्ठी | गुरोः | ______ | ______ |
पर्याय–पदानि योजयत–
गगने | जलद: |
विमले | निशाकर: |
चन्द्र: | आकाशे |
सूर्य: | निर्मले |
अम्बुद: | दिवाकर: |