Advertisements
Advertisements
Question
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
Options
जलचर:
खेचर:
भूचर:
निशाचर:
Solution
निशाचरः
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
सा ______ जलेन मुखं प्रक्षालयति। (विमल)
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
राघवः ______ विहरति।(विमानयान)
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
कण्ठः ______ शोभते।
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
नभः ______ प्रकाशते। (सूर्य)
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
पर्वतशिखरम् ______ आकर्षकं दृश्यते। (अम्बुदमाला)
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
वयं कीदृशं सोपानं रचयाम ?
केषां गृहेषु हर्षं जनयाम ?
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्ति: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
प्रथमा | भानु: | भानू | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
तृतीया | ______ | पशुभ्याम् | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
चतुर्थी | साधवे | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
पञ्चमी | वटोः | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
षष्ठी | गुरोः | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
सम्बोधन | हे विष्णो | ______ | ______ |