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प्रश्न
D-ग्लूकोस के पेन्टाऐसीटेट में आप ऐल्डिहाइड समूह की अनुपस्थिति को कैसे समझाएँगे?
उत्तर
ग्लूकोस के चक्रीय हैमीऐसीटैल रूप में C-1 पर एक OH समूह होता है, जो जलीय विलयन में हाइड्रॉक्सिल होकर खुली श्रृंखला वाले ऐल्डीहाइडिक रूप में परिवर्तित हो जाता है। यह ऐल्डीहाइडिक रूप फिर हाइड्रॉक्सिलामीन (NH2OH) के साथ अभिक्रिया करके संबंधित ऑक्साइम बनाता है। अतः, ग्लूकोस में एक ऐल्डीहाइड समूह उपस्थित होता है। हालाँकि, जब ग्लूकोस को एसेटिक एनहाइड्राइड के साथ अभिक्रिया करवाई जाती है, तो C-1 के OH समूह के साथ-साथ C-2, C-3, C-4 और C-6 के OH समूह भी अभिक्रिया करके एक पेन्टाऐसीटेट बनाते हैं। चूँकि ग्लूकोस पेन्टाऐसीटेट में C-1 पर कोई मुक्त OH समूह नहीं होता, इसलिए यह जलीय विलयन में हाइड्रोलाइस होकर खुली श्रृंखला वाला ऐल्डीहाइडिक रूप नहीं बना सकता और इसीलिए यह NH2OH के साथ अभिक्रिया कर ग्लूकोस ऑक्साइम नहीं बनाता। इस प्रकार, ग्लूकोस पेन्टाऐसीटेट में ऐल्डीहाइड समूह उपस्थित नहीं होता।
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