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प्रश्न
यदि A और B समान कोटि के कोई दो आव्यूह हैं तब (AB)′ = A′B′
पर्याय
सत्य
असत्य
उत्तर
यह कथन असत्य है।
व्याख्या:
चूंकि (AB)' = B'A'.
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संबंधित प्रश्न
यदि A = `[(2, 3),(1, 2)]`, B = `[(1, 3, 2),(4, 3, 1)]`, C = `[(1),(2)]`, D = `[(4, 6, 8),(5, 7, 9)]`, हों तो A + B, B + C, C + D और B + D योगफलों में कौन से योगफल परिभाषित हैं।
आव्यूह A को एक सममित आव्यूह तथा एक विषम सममित आव्यूह के योगफल के रूप में व्यक्त कीजिए जहाँ A = `[(2, 4, -6),(7, 3, 5),(1, -2, 4)]` है।
यदि A = `[(1, 3, 2), (2, 0, -1), (1, 2, 3)]`, तो दिखाइए कि A समीकरण A3 - 4A2 - 3A + 11I = O को संतुष्ट करता है।
आव्यूहों का योग तभी परिभाषित है जब प्रत्येक की कोटि ______ है।
एक a2×2 आव्यूह की रचना कीजिए जिसके अवयव aij = |–2i + 3j| इस प्रकार से प्राप्त होते हैं।
यदि A = B हों तो a और b के मान ज्ञात कीजिए, जहाँ A = `[("a" + 4, 3"b"),(8, -6)]` और B = `[(2"a" + 2, "b"^2 + 2),(8, "b"^2 - 5"b")]` हैं।
यदि A = `[(0, 1),(1, 1)]` और B = `[(0, -1),(1, 0)]` हैं तो दिखाइए कि (A + B) (A - B) A2 - B2.
दर्शाइए कि A = `[(5, 3),(-1, -2)]` समीकरण A2 - 3A - 7I = O को संतुष्ट करता है और इसके प्रयोग से A-1 ज्ञात कीजिए।
एक उदाहरण की सहायता से दिखाइए कि जब आव्यूह A ≠ O, B ≠ O हो तब भी AB = O आव्यूह हो।
यदि a = `[(1, 2), ( -2, 1)]`, b = `[(2, 3), (3, -4)]` और c = `[(1, 0), ( -1, 0)] `, हों तो सत्यापित कीजिए: (AB) C = A (BC)
यदि A = `[(1, 2),(4, 1),(5, 6)]` तथा B = `[(1, 2),(6, 4),(7, 3)]` हों तो सत्यापित कीजिए कि (2A + B)′ = 2A′ + B′
सिद्ध कीजिए कि किसी भी आव्यूह A के लिए A′A तथा AA′ दोनों ही सममित आव्यूह हैं।
माना A और B, 3 × 3 के वर्ग आव्यूह हैं। क्या (AB)2 = A2B2 सत्य है? कारण बताइए।
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि a(C – A) = aC – aA
यदि A = `[(0, -x),(x, 0)]`, B = `[(0, 1),(1, 0)]` और x2 = –1 हो तो दिखाइए कि (A + B)2 = A2 + B2.
प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं से निम्नलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि संभव हो तो) ज्ञात कीजिए:
`[(1, 3),(-5, 7)]`
प्रारंभिक पंक्ति संक्रियाओं से निम्नलिखित आव्यूह का व्युत्क्रम (यदि संभव हो तो) ज्ञात कीजिए:
`[(1, -3),(-2, 6)]`
यदि A और B क्रमश: 3 × m और 3 × n, कोटि के दो आव्यूह हों तथा m = n, हो तो आव्यूह (5A - 2B) की कोटि होगी।
यदि A = `[(0, 1), (1, 0)]`, तो A2 बराबर है।
यदि A और B समान कोटि के आव्यूह हों तो (AB′–BA′)
यदि A इस प्रकार कौ आव्यूह है कि A2 = I, तब (A – I)3 + (A + I)3 –7A बराबर होगा।
प्रारंभिक स्तंभ संक्रिया C2 → C2 – 2C1, का प्रयोग आव्यूह समीकरण
`[(1, -3),(2, 4)] = [(1, -1),(0, 1)] [(3, 1),(2, 4)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
प्रारंभिक पंक्ति संक्रिया R1 → R1 – 3R2 का प्रयोग आव्यूह समीकरण `[(4, 2),(3, 3)] = [(1, 2),(0, 3)] [(2, 0),(1, 1)]`, में करने पर हमें प्राप्त होता है।
किसी आव्यूह का ऋण आव्यूह इसको ______ से गुणा करके प्राप्त किया जाता है।
यदि A एक विषम सममित आव्यूह है तो A2 एक ______ है।
आव्यूहों का गुणन क्रम विनिमेय होता है।
यदि A और B समान कोटि के दो वर्ग आव्यूह हैं तब AB = BA है।
यदि समान कोटि के तीनों आव्यूह सममित हैं तब उनका योग भी सममित आव्यूह है।
(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।