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प्रश्न
मेलनं कुरुत।
विशेष्यम् | विशेषणम् |
१. कपाटिका | १. सुलभम् |
२. कोषग्रन्थः | २. विशाला |
३. कण्ठस्थीकरणम् | ३. भिन्नाः |
४. अर्थाः | ४. पद्यमयः |
उत्तर
विशेष्यम् | विशेषणम् |
१. कपाटिका | २. विशाला |
२. कोषग्रन्थः | ४. पद्यमयः |
३. कण्ठस्थीकरणम् | १. सुलभम् |
४. अर्थाः | ३. भिन्नाः |
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
वर्धत एव = ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
व्ययः × ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
नित्यम् × ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
परः × ______
समानार्थकशब्दं पाठात् लिखत।
वेदना - ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
नार्यस्तु = ______
एकवचने परिवर्तयत।
एताः न पूज्यन्ते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चान्ये = ______ + अन्ये।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इतोऽपि = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कदापि - ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
पवित्रम् × ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
शुष्कम् × ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
सत्वरम् × ______
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
अमरकोषे तिस्त्रः काण्डानि सन्ति।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुनः लिखत।
सत्पुरुषः निःस्पृहः वर्तते तथापि दुर्जनः तस्य अरिः भवति।
विशेषणं लिखत।
______ नभस्तलम्।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
असत्यम् - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
पश्यसि - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोमशर्मेति = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
अश्वः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
धेनुः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
समस्तपदं कुरुत।
स्वभावेन कृपणः - ______
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
विशेष्यम् | विशेषणम् |
सहचरः | पोषितौ |
विलापः | अश्रुतपूर्वा |
कुशलवौ | करुणः |
वाणी | निश्चेष्टः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
गुरु + ______ = गुरूपदेशः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + उत्साहः = वधूत्साहः।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवती बन्धनं मुञ्चताम्।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवती प्रार्थयताम्।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + एव = द्वावेव।
यणसन्धिः।
ऋ/ॠ + विजातीयः स्वरः = र्।
______ + आज्ञा = पित्राज्ञा।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
एताः अदय क्रीडितवन्तः।
योग्यरूपं योजयत।
हे ______, रक्ष माम्। (परभु)
योग्यरूपं योजयत।
सर्वे ______ ज्ञानं पूजयन्ति। (जिज्ञासु)
योग्यरूपं योजयत।
नारदः ______ शरणं गच्छति। (विष्णु)
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
तालिकां पूरयत।
नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
१. पश्वोः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
२. साधौ | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
३. जिज्ञासुभिः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
४. तरूणाम् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
५. दारूणि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
गर्दभः ______ (गै) आरभत रात्रौ।
तालिकां पूरयत।
क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
१. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
२. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
आचार्ये, अपि वयं क्रीडाङ्गणे क्रीडाम?
रूपाभ्यासं कुरुत।
शिक्षेत
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
पुं. | स्त्री. | नपुं. |
______ | ______ | ______ |
(योषित्, भूभृत्, दिनकृत्, विद्युत्, वियत्, क्ष्माभृत्, तडित्)
समस्तपदं लिखत।
भाषायाः अभ्यासः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
अर्थम् - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
मया चित्रं - ______। (दृश्)
नाम-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | चन्दमस्सु | सप्तमी |
विद्युते | ______ | ______ | चतुर्थी |
______ | पयसी | ______ | प्रथमा |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
तस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
______ | ______ | अस्माभिः | तृतीया |
______ | कयोः | केषु | सप्तमी |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
तव, ते | ______ | ______ | षष्ठी |
______ | आभ्याम् | ______ | चतुर्थी |
______ | ______ | भवतः | द्वितीया |
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लोट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
करोतु | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
______ | पूजयतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
______ | ______ | गच्छाम | उत्तमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लिङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
______ | रक्षेतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
______ | ______ | विद्येमहि | उत्तमपुरुषः | |
भवेत् | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
न + ______ = नास्ति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + उदरः = लम्बोदरः।
सन्धिकोषः।
स्थैर्यमारोग्यं = ______ + आरोग्यम्।
सन्धिकोषः।
षड्भिर्योगो = षड्भिः + ______।
सन्धिकोषः।
अधुनापि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तबलावादनेऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
यत्रैतास्तु = ______ + एताः + ______।
सन्धिकोषः।
ज्ञानिनामपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तन्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
तस्याहम् = तस्य + ______।
सन्धिकोषः।
साऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
राज्याभिषेकादनन्तरम् = राज्याभिषेकात् + ______।
सन्धिकोषः।
आगतास्मि = ______ + अस्मि।
सन्धिकोषः।
करोत्यपहन्ति = ______ + अपहन्ति।
सन्धिकोषः।
अध्ययनमसम्भवम् = अध्ययनम् + ______।
सन्धिकोषः।
त्वमगमः = ______ + अगमः।
'इदम्' सर्वनाम स्त्रीलिङ्गम्।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
इयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
इमाम्/एनाम् | ______ | ______ | द्वितीया |
अनया/एनया | ______ | ______ | तृतीया |
अस्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
अस्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
अस्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
उभयतः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
नमः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कृते = ______