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NCERT solutions for Physics [Hindi] Class 12 chapter 3 - विद्युत धारा [Latest edition]

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NCERT solutions for Physics [Hindi] Class 12 chapter 3 - विद्युत धारा - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 3: विद्युत धारा

Below listed, you can find solutions for Chapter 3 of CBSE NCERT for Physics [Hindi] Class 12.


अभ्यास
अभ्यास [Pages 127 - 131]

NCERT solutions for Physics [Hindi] Class 12 3 विद्युत धारा अभ्यास [Pages 127 - 131]

अभ्यास | Q 3.1 | Page 127

किसी कार की संचायक बैटरी का विद्युत वाहक बल 12 V है। यदि बैटरी को आंतरिक प्रतिरोध 0.4 Ω हो तो बैटरी से ली जाने वाली अधिकतम धारा का मान क्या है?

अभ्यास | Q 3.2 | Page 127

10 V विद्युत वाहक बल वाली बैटरी जिसका आंतरिक प्रतिरोध 3 Ω है, किसी प्रतिरोधक से संयोजित है। यदि परिपथ में धारा का मान 0.5 A हो तो प्रतिरोधक का प्रतिरोध क्या है? जब परिपथ बंद है तो सेल की टर्मिनल वोल्टता क्या होगी?

अभ्यास | Q 3.3 | Page 127
  1. 1 Ω, 2 Ω और 3 Ω के तीन प्रतिरोधक श्रेणी में संयोजित हैं। प्रतिरोधकों के संयोजन का कुल प्रतिरोध क्या है?
  2. यदि प्रतिरोधकों का संयोजन किसी 12 V की बैटरी जिसका आन्तरिक प्रतिरोध नगण्य है से सम्बद्ध है तो प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता पात ज्ञात कीजिए।
अभ्यास | Q 3.4 | Page 127
  1. 2 Ω, 4 Ω और 5 Ω के तीन प्रतिरोधक पार्श्व में संयोजित हैं। संयोजन का कुल प्रतिरोध क्या होगा ?
  2. यदि संयोजन को 20 V के विद्युत वाहक बल की बैटरी जिसका आन्तरिक प्रतिरोध नगण्य है, से सम्बद्ध किया जाता है तो प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली धारा तथा बैटरी से ली गई कुल धारा का मान ज्ञात कीजिए।
अभ्यास | Q 3.5 | Page 127

कमरे के ताप (27.0°C) पर किसी तापन-अवयव का प्रतिरोध 100 Ω है। यदि तापन-अवयव का प्रतिरोध 117 Ω हो तो अवयव का ताप क्या होगा? प्रतिरोधक के पदार्थ का ताप-गुणांक 1.70 × 10−4 °C−1 है।

अभ्यास | Q 3.6 | Page 127

15 मीटर लंबे एवं 6.0 × 10−7 m2 अनुप्रस्थ काट वाले तार से उपेक्षणीय धारा प्रवाहित की गई है और इसका प्रतिरोध 5.0 Ω मापा गया है। प्रायोगिक ताप पर तार के पदार्थ की प्रतिरोधकता क्या होगी?

अभ्यास | Q 3.7 | Page 127

सिल्वर के किसी तार का 27.5°C पर प्रतिरोध 2.1 Ω और 100°C पर प्रतिरोध 2.7 Ω है। सिल्वर की प्रतिरोधकता ताप-गुणांक ज्ञात कीजिए।

अभ्यास | Q 3.8 | Page 127

निक्रोम का एक तापन-अवयव 230 V की सप्लाई से संयोजित है और 3.2 A की प्रारंभिक धारा लेता है जो कुछ सेकंड में 2.8 A पर स्थायी हो जाती है। यदि कमरे का ताप 27.0°C है तो तापन-अवयव का स्थायी ताप क्या होगा? दिए गए ताप-परिसर में निक्रोम का औसत प्रतिरोध का ताप-गुणांक 1.70 × 10−4 °C−1 है।

अभ्यास | Q 3.9 | Page 128

निचे दिए गए चित्र में दर्शाए नेटवर्क की प्रत्येक शाखा में प्रवाहित धारा ज्ञात कीजिए।

अभ्यास | Q 3.10 | Page 128
  1. किसी मीटर-सेतु में जब प्रतिरोधक S = 12.5 Ω हो तो सन्तुलन बिन्दु, सिरे A से 39.5 cm की लम्बाई पर प्राप्त होता है। R का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। व्हीटस्टोन सेतु या मीटर सेतु में प्रतिरोधकों के संयोजन के लिए मोटी कॉपर की पत्तियाँ क्यों प्रयोग में लाते हैं ?
  2. R तथा S को अन्तर्बदल करने पर उपर्युक्त सेतु का सन्तुलन बिन्दु ज्ञात कीजिए।
  3. यदि सेतु के सन्तुलन की अवस्था में गैल्वेनोमीटर और सेल का अन्तर्बदल कर दिया जाए तब क्या गैल्वेनोमीटर कोई धारा दर्शाएगा?
अभ्यास | Q 3.11 | Page 128

8 V विद्युत वाहक बल की एक संचायक बैटरी जिसका आंतरिक प्रतिरोध 0.5 Ω है, को श्रेणीक्रम में 15.5 Ω के प्रतिरोधक का उपयोग करके 120 V के D.C. स्रोत द्वारा चार्ज किया जाता है। चार्ज होते समय बैटरी की टर्मिनल वोल्टता क्या है? चार्जकारी परिपथ में प्रतिरोधक को श्रेणीक्रम में संबद्ध करने का क्या उद्देश्य है?

अभ्यास | Q 3.12 | Page 128

किसी पोटेशियोमीटर व्यवस्था में, 1.25 V विद्युत वाहक बल से एक सेल का सन्तुलन बिन्दु तार के 35.0 cm लम्बाई पर प्राप्त होता है। यदि इस सेल को किसी अन्य सेल द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया जाए तो सन्तुलन बिन्दु 63.0 cm पर स्थानान्तरित हो जाता है। दूसरे सेल का विद्युत वाहक बल क्या है ?

अभ्यास | Q 3.13 | Page 128

किसी ताँबे के चालक में मुक्त इलेक्ट्रॉनों का संख्या घनत्व 8.5 × 1028 m−3 आकलित किया गया है। 3 m लंबे तार के एक सिरे से दूसरे सिरे तक अपवाह करने में इलेक्ट्रॉन कितना समय लेता है? तार की अनुप्रस्थ-काट 2.0 × 10-6 m2 है और इसमें 3.0 A धारा प्रवाहित हो रही है।

अतिरिक्त अभ्यास

अभ्यास | Q 3.14 | Page 128

पृथ्वी के पृष्ठ पर ऋणात्मक पृष्ठ-आवेश घनत्व 10-9 C cm-2 है। वायुमण्डल के ऊपरी भाग और पृथ्वी के पृष्ठ के बीच 400 kV विभवान्तर (नीचे के वायुमण्डल की कम चालकता के कारण) के परिणामतः समूची पृथ्वी पर केवल 1800 A की धारा है। यदि वायुमण्डलीय विद्युत क्षेत्र बनाए रखने हेतु कोई प्रक्रिया न हो तो पृथ्वी के पृष्ठ को उदासीन करने हेतु (लगभग) कितना समय लगेगा? (व्यावहारिक रूप में यह कभी नहीं होता है। क्योंकि विद्युत आवेशों की पुनः पूर्ति की एक प्रक्रिया है यथा पृथ्वी के विभिन्न भागों में लगातार तड़ित झंझा एवं तड़ित का होना)। (पृथ्वी की त्रिज्या = 6.37 x 106 m);

अभ्यास | Q 3.15 - (a) | Page 129

छह लेड एसिड संचायक सेलों, जिनमें प्रत्येक का विद्युत वाहक बल 2V तथा आन्तरिक प्रतिरोध 0.015 Ω है, के संयोजन से एक बैटरी बनाई जाती है। इस बैटरी का उपयोग 8.5 Ω प्रतिरोधक जो इसके साथ श्रेणी सम्बद्ध है, में धारा की आपूर्ति के लिए किया जाता है। बैटरी से कितनी धारा ली गई है एवं इसकी टर्मिनल वोल्टता क्या है?

अभ्यास | Q 3.15 - (b) | Page 129

एक लम्बे समय तक उपयोग में लाए गए संचायक सेल का विद्युत वाहक बल 1.9 V और विशाल आन्तरिक प्रतिरोध 380 Ω है। सेल से कितनी अधिकतम धारा ली जा सकती है? क्या सेल से प्राप्त यह धारा किसी कार की प्रवर्तक-मोटर को स्टार्ट करने में सक्षम होगी?

अभ्यास | Q 3.16 | Page 129

दो समान लम्बाई की तारों में एक ऐलुमिनियम का और दूसरा कॉपर को बना है। इनके प्रतिरोध समान हैं। दोनों तारों में से कौन-सा हल्का है? अतः समझाइए कि ऊपर से जाने वाली बिजली केबिलों में ऐलुमिनियम के तारों को क्यों पसन्द किया जाता है? (ρal = 2.63 x 10-8 Ωm, ρcu = 1.72 x 10-8 Ωm, Al का आपेक्षिक घनत्व = 2.7, कॉपर का आपेक्षिक घनत्व = 8.9)

अभ्यास | Q 3.17 | Page 129

मिश्रधातु मैंगनिन के बने प्रतिरोधक पर लिए गए निम्नलिखित प्रेक्षणों से आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?

धारा वोल्टता धारा वोल्टता
0.2 3.94 3.0 59.2
0.4 7.87 4.0 78.8
0.6 11.8 5.0 98.6
0.8 15.7 6.0 118.5
1.0 19.7 7.0 138.2
2.0 39.4 8.0 158.0

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

अभ्यास | Q 3.18 - (a)

किसी असमान अनुप्रस्थ काट वाले धात्विक चालक से एकसमान धारा प्रवाहित होती है। निम्नलिखित में से चालक में कौन-सी अचर रहती है-धारा, धारा घनत्व, विद्युत क्षेत्र, अपवाह चाल।

अभ्यास | Q 3.18 - (b) | Page 129

क्या सभी परिपथीय अवयवों के लिए ओम का नियम सार्वत्रिक रूप से लागू होता है? यदि नहीं, तो उन अवयवों के उदाहरण दीजिए जो ओम के नियम का पालन नहीं करते।

अभ्यास | Q 3.18 - (c) | Page 129

किसी निम्न वोल्टता संभरण जिससे उच्च धारा देनी होती है, का आन्तरिक प्रतिरोध बहुत कम होना चाहिए, क्यों?

अभ्यास | Q 3.18 - (d) | Page 129

किसी उच्च विभव (H.T.) संभरण, मान लीजिए 6 kV को आन्तरिक प्रतिरोध अत्यधिक होना चाहिए, क्यों?

सही विकल्प छाँटिए-

अभ्यास | Q 3.19 - (a) | Page 129

धातुओं की मिश्रधातुओं की प्रतिरोधकता प्रायः उनकी अवयव धातुओं की अपेक्षा _______ होती है।

  • अधिक

  • कम

अभ्यास | Q 3.19 - (b) | Page 129

आमतौर पर मिश्रधातुओं के प्रतिरोध का ताप-गुणांक, शुद्ध धातुओं के प्रतिरोध के ताप-गुणांक से बहुत ________ होता है।

  • कम

  • अधिक

अभ्यास | Q 3.19 - (c) | Page 129

मिश्रधातु मैंगनिन की प्रतिरोधकता ताप में वृद्धि के साथ लगभग _______।

  • स्वतन्त्र है

  • तेजी से बढ़ती है

अभ्यास | Q 3.19 - (d) | Page 129

किसी प्रारूपी विद्युतरोधी (उदाहरणार्थ, अम्बर) की प्रतिरोधकता किसी धातु की प्रतिरोधकता की तुलना में ______ कोटि के गुणक से बड़ी होती।

  • 1022

  • 1023

अभ्यास | Q 3.20 - (a) | Page 130

आपको R प्रतिरोध वाले n प्रतिरोधक दिए गए हैं।

  1. अधिकतम,
  2. न्यूनतम प्रभावी प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए आप इन्हें किस प्रकार संयोजित करेंगे? अधिकतम और न्यूनतम प्रतिरोधों का अनुपात क्या होगा?
अभ्यास | Q 3.20 - (b) | Page 130

यदि 1 Ω, 2 Ω, 3 Ω के तीन प्रतिरोध दिए गए हों तो उनको आप किस प्रकार संयोजित करेंगे कि प्राप्त तुल्य प्रतिरोध हों:

  1. 11/3 Ω
  2. 11/5 Ω
  3. 6 Ω
  4. 6/11 Ω
अभ्यास | Q 3.20 - (c) | Page 130

नीचे दिए गए चित्र में दिखाए गए नेटवर्को का तुल्य प्रतिरोध प्राप्त कीजिए।

(a)

(b)

अभ्यास | Q 3.21 | Page 130

किसी 0.5 Ω आन्तरिक प्रतिरोध वाले 12 V के एक संभरण (Supply) से चित्र में दर्शाए गए अनन्त नेटवर्क द्वारा ली गई धारा का मान ज्ञात कीजिए। प्रत्येक प्रतिरोध का मान 1 Ω है।

अभ्यास | Q 3.22 | Page 130

चित्र में एक पोटेशियोमीटर दर्शाया गया है। जिसमें एक 2.0 V और आन्तरिक प्रतिरोध 0.40 Ω का कोई सेल, पोटेशियोमीटर के प्रतिरोधक तार AB पर वोल्टता पात बनाए A रखता है। कोई मानक सेल जो 1.02 V का अचर विद्युत वाहक बल बनाए रखता है (कुछ mA की बहुत सामान्य धाराओं के लिए) तार की 67.3 cm लम्बाई पर सन्तुलन बिन्दु देता है। मानक सेल से अति न्यून धारा लेना सुनिश्चित करने के लिए । इसके साथ परिपथ में श्रेणी 600 kΩ का एक अति उच्च प्रतिरोध इसके साथ सम्बद्ध किया जाता है, जिसे सन्तुलन बिन्दु प्राप्त होने के निकट लघुपथित (shorted) कर दिया जाता है। इसके बाद मानक सेल को किसी अज्ञात विद्युत वाहक बल E के सेल से प्रतिस्थापित कर दिया जाता है जिससे सन्तुलन बिन्द तार की 82.3 cm लम्बाई पर प्राप्त होता है।

  1. E का मान क्या है?
  2. 600 kΩ के उच्च प्रतिरोध का क्या प्रयोजन है?
  3. क्या इस उच्च प्रतिरोध से सन्तुलन बिन्दु प्रभावित होता है?
  4. क्या परिचालक सेल के आन्तरिक प्रतिरोध से सन्तुलन बिन्दु प्रभावित होता है?
  5. उपर्युक्त स्थिति में यदि पोटेशियोमीटर के परिचालक सेल का विद्युत वाहक बल 2.0 V के स्थान पर 1.0 V हो तो क्या यह विधि फिर भी सफल रहेगी?
  6. क्या यह परिपथ कुछ mV की कोटि के अत्यल्प विद्युत वाहक बलों (जैसे कि किसी प्रारूपी तापविद्युत युग्म का विद्युत वाहक बल) के निर्धारण में सफल होगी? यदि नहीं, तो आप इसमें किस प्रकार संशोधन करेंगे?

अभ्यास | Q 3.23 | Page 131

निचे दिए गए चित्र में दो प्रतिरोधों की तुलना के लिए विभवमापी परिपथ दर्शाता है। मानक प्रतिरोधक R = 10.0 Ω के साथ सन्तुलन बिन्दु 58.3 cm पर तथा अज्ञात प्रतिरोध X के साथ 68.5 cm पर प्राप्त होता है। X का मान ज्ञात कीजिए। यदि आप दिए गए सेल E से सन्तुलन बिन्दु प्राप्त करने में असफल रहते हैं तो आप क्या करेंगे?

Solutions for 3: विद्युत धारा

अभ्यास
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