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प्रश्न
दो संतत फलनों का संयोजन एक संतत फलन होता है।
विकल्प
सत्य
असत्य
उत्तर
यह कथन सत्य है।
व्याख्या:
हम जानते हैं कि दो या दो से अधिक फलनों का योग और अंतर हमेशा संतत होता है।
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संबंधित प्रश्न
दर्शाइए कि f(x) = `{{:(x sin 1/x",", x ≠ 0),(0",", x = 0):}` द्वारा परिभाषित फलन f, x = 0 पर संतत है।
यदि y = tan(x + y) है, तो `("d"y)/("d"x)` ज्ञात कीजिए।
यदि y = tanx + secx है, तो सिद्ध कीजिए कि `("d"^2y)/("d"x^2) = cosx/(1 - sinx)^2` है।
`cos^-1(2xsqrt(1 - x^2))` के सापेक्ष `tan^-1 (sqrt(1 - x^2)/x)` को अवकलित कीजिए, जहाँ `x ∈ (1/sqrt(2), 1)` है।
फलन f(x) = [x], जहाँ [x] महत्तम पूर्णांक फलन को व्यक्त करता है, निम्नलिखित पर संतत है।
फलन f(x) = |x| + |x – 1|
उन बिंदुओं की संख्या, जहाँ फलन f(x) = `1/(log|x|)` असंतत है, ______ है।
एक संतत फलन में कुछ ऐसे बिंदु हो सकते हैं जहाँ सीमाओं का अस्तित्व न हों।
x = 2 पर f(x) = `{{:(3x + 5",", "यदि" x ≥ 2),(x^2",", "यदि" x < 2):}`
x = 0 पर f(x) = `{{:((sqrt(1 + "k"x) - sqrt(1 - "k"x))/x",", "यदि" -1 ≤ x < 0),((2x + 1)/(x - 1)",", "यदि" 0 ≤ x ≤ 1):}`
सिद्ध कीजिए कि f(x) = `{{:(x/(|x| + 2x^2)",", x ≠ 0),("k", x = 0):}` से परिभाषित फलन f बिंदु x = 0 पर असंतत रहता है, चाहे k का कोई भी मान लिया जाए।
फलन f(x) = `1/(x + 2)` दिया है। संयोजित फलन y = f (f (x)) में असंतत्य के बिंदु ज्ञात कीजिए।
एक फलन f: R → R सभी x, y ∈R, f (x) ≠ 0 के लिए समीकरण f (x +y)=f (x) f (y) को संतुष्ट करता है। मान लीजिए कि यह फलन x = 0 पर अवकलनीय है तथा f ′ (0) = 2 है। सिद्ध कीजिए कि f ′(x) = 2 f (x) है।
`sin sqrt(x) + cos^2 sqrt(x)`
`tan^-1 ((sqrt(1 + x^2) + sqrt(1 - x^2))/(sqrt(1 + x^2) - sqrt(1 - x^2))), -1 < x < 1, x ≠ 0`
यदि x = ecos2t और y = esin2t तो सिद्ध कीजिए कि `"dy"/"dx" = (-y log x)/(xlogy)` है।
tan–1(x2 + y2) = a
यदि y = tan–1x, तो केवल y के पदों में `("d"^2y)/("dx"^2)` ज्ञात कीजिए।
[–3, 0] में f(x) = `x(x + 3)e^((–x)/2)`
[– 2, 2] में f(x) = `sqrt(4 - x^2)`
यदि y = `x^tanx + sqrt((x^2 + 1)/2)` है, तो `"dy"/"dx"` ज्ञात कीजिए।
फलन f(x) = `"e"^|x|`
यदि y = `log ((1 - x^2)/(1 + x^2))` है, तो `"dy"/"dx"` बराबर है।
cos–1(2x2 – 1) के सापेक्ष cos–1x का अवकलज है।
x3 के सापेक्ष x2 अवकलज ______ है।
यदि f अपने प्राँत D पर संतत है, तो |f| भी D पर संतत होगा।
त्रिकोणमितीय एवं त्रिकोणमितीय व्युत्क्रम फलन अपने-अपने प्राँतों में अवकलनीय होते हैं।